उत्तराखंड के चार धामों के तीर्थ पुरोहितों एवं हक-हकूक धारियों ने किया महापंचायत का गठन

अभिव्यक्ति न्यूज़ : उत्तराखंड 
उत्तराख़ण्ड के चार धामों के तीर्थ पुरोहितों एवं हक-हकूक धारियों ने एक महापंचायत का गठन किया है जो इन चारों धामों, वहां के तीर्थ पुरोहितों और यात्रा व्यवस्था के संबंध में हर समय सजग रहती है और खास करके जब इन चारों धामों के सरकारीकरण के बारे में जब जब भी सरकारी तंत्र ने प्रयास किया है तो चार धाम महापंचायत ने एकजुट होकर चारों धाम की तीर्थ पुरोहितों ने एक बैनर के तले आ करके इसका पुरजोर विरोध हुआ है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण उत्तराखंड श्राइन बोर्ड या उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम 2019 के दौरान देखने को मिला है हमारी सरकार तीर्थ पुरोहितों की आवाज को प्रायः अनसुना कर देती है और फिर चार धाम के पुरोहितों व हक-हकूक धारियों के प्रतिनिधि स्वरूप जो हमारी चारधाम महापंचायत है उसेआगे आना पड़ता है । वर्तमान में चार धाम यात्रा को संचालित करने के संबंध में भी हम सब लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं और फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा को पूर्व की तरह ही स्थगित रख़ने का मुखर होकर के अनुरोध किया और इसके बावजूद भी.... हम तो कल ही विरोध कर रहे थे,  वक्तव्य दे रहे हैं किन्तु आज शासन की ओर से एक लेटर आ गया कि ....... सीमित संख्या में यात्री लोग जा सकते हैं तो सवाल सीमित और असीमित संख्या का नहीं है सवाल संक्रमण का है वायरस के संक्रमण का.... है जो.. सीमित संख्या वाले लोगों से भी फैल सकता है । तो बार-बार कहने के बावजूद भी हमारी बात को अनसुना किया है तो महापंचायत ने इस मामले में महामहिम राज्यपाल महोदय उत्तराखंड से यह निवेदन किया है और ज्ञापन भेजकर के महामहिम राज्यपाल जी को इस मामले में हस्तक्षेप करके फिलहाल उत्तराखंड के चारों धाम यात्रा को स्थगित रखे जाने जाने हेतु निवेदन किया है ।

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