देवस्थानम बोर्ड द्वारा सीमित संख्या में चार धामों में स्थानीय यात्रियों को जाने की अनुमति का विरोध किया है।

अभिव्यक्ति न्यूज़ : उत्तराखंड 

चार धाम तीर्थ पुरोहित हकहकूक धारी महापंचायत ने देवस्थानम बोर्ड द्वारा सीमित संख्या में चार धामों में स्थानीय यात्रियों को जाने की अनुमति का विरोध किया है।  महापंचायत ने कहा है कि वे देवस्थानम बोर्ड के अस्तित्व को सिरे से नकारते हैं तथा बोर्ड के दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं हैं।
प्रेस को जारी बयान में महापंचायत के  संयोजक सुरेश सेमवाल ने कहा की जिला स्तर पर प्रशासन द्वारा आयोजित की गई बैठक में गंगोत्री मंदिर समिति एवं यमुनोत्री मंदिर समिति ने स्पष्ट कर दिया था कि वे यात्रियों के धामों में जाने के पक्ष में नहीं हैं । उन्होंने कहा कि जब तक स्थितियां सामान्य नहीं होती हैं तब तक यात्रियों के आवागमन पर रोक लगाई जाए। कहा कि इस संदर्भ में गंगोत्री मंदिर समिति ने जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। महापंचायतके उपाध्यक्षजगमोहन उनियाल ने कहा  कि देवस्थानम बोर्ड से संबंधित मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए बोर्ड  के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं हैं।  तीर्थ पुरोहित समाज, केदारनाथ के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने भी यात्रा शुरू करने पर जिला प्रशासन से अपनी असहमति जताई ।

महापंचायत के प्रवक्ता डॉ बृजेश सती ने कहा कि जिला चमोली प्रशासन द्वारा जो बैठक आयोजित की गई थी, उसमें देवप्रयाग पंडा समाज एवं ब्रह्मपाल तीर्थ पुरोहितों का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि  सीमित संख्या में यात्रियों के धामों में जाने से कोरोना की दृष्टि से सुरक्षित इन धामों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है । कहा कि यदि पुजारी या रावल संक्रमण की चपेट में आए तो  इन मंदिरों की पूजा भी प्रभावित हो सकती है।
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