रिपोटर : विजय सिंह जेठी (पिथौरागढ़)
नेपाल के एफएम पर बज रहे भारत विरोधी गाने, सीमांत क्षेत्र के लोगों ने रेडियो सुनना किया बंद!नेपाल के एफएम रेडियो पर भारत विरोधी गाने बज रहे हैं। इन गानों में भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल की भूमि बताया जा रहा है। बार-बार गाने बजने के बाद सीमांत के लोगों ने अब नेपाल के एफएम रेडियो को सुनना बंद कर दिया है।
सदियों से नेपाल और भारत के जो रिश्ते थे,नेपाल की गन्दी राजनीति के चलते आज टूटते नजर आ रहे है , राजनेता गंदी राजनीति करके आम जानता के दिलो में भारत के खिलाफ जहर भरने की कोशिश कर रहे है।
चुकी भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक समानता है, और दोनों देश एक दूसरे पर निर्भर भी है! लेकिन नेपाली प्रधानमंत्री ओली चाइना के दबाव में आकर अपना अस्तित्व खतरे में डाल रहे है।
भारत के विरोध के बावजूद नेपाल ने भारतीय भूमि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल कर लिया है। अब इससे संबंधित गीत नेपाल के एफएम रेडियो पर प्रसारित हो रहे हैं।
‘हमरो हो यो कालापानी, लिपुलेख, लिपिंयाधुरा-उठा जागा वीर नेपाली’ सहित कुछ अन्य भारत विरोधी गीत बजने के बाद अक्सर एफएम पर नेपाली गीत सुनने वाले भारतीय लोगों को गहरा धक्का लगा है। इसके बाद भारतीयों ने इस एफएम चैनल को सुनना बंद कर दिया है। नेपाली एफएम चैनल में ऐसे गीत प्रसारित करने से लोगों में काफी नाराजगी है!
नेपाल के एफएम पर बज रहे भारत विरोधी गाने, सीमांत क्षेत्र के लोगों ने रेडियो सुनना किया बंद!नेपाल के एफएम रेडियो पर भारत विरोधी गाने बज रहे हैं। इन गानों में भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल की भूमि बताया जा रहा है। बार-बार गाने बजने के बाद सीमांत के लोगों ने अब नेपाल के एफएम रेडियो को सुनना बंद कर दिया है।
सदियों से नेपाल और भारत के जो रिश्ते थे,नेपाल की गन्दी राजनीति के चलते आज टूटते नजर आ रहे है , राजनेता गंदी राजनीति करके आम जानता के दिलो में भारत के खिलाफ जहर भरने की कोशिश कर रहे है।
चुकी भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक समानता है, और दोनों देश एक दूसरे पर निर्भर भी है! लेकिन नेपाली प्रधानमंत्री ओली चाइना के दबाव में आकर अपना अस्तित्व खतरे में डाल रहे है।
भारत के विरोध के बावजूद नेपाल ने भारतीय भूमि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल कर लिया है। अब इससे संबंधित गीत नेपाल के एफएम रेडियो पर प्रसारित हो रहे हैं।
‘हमरो हो यो कालापानी, लिपुलेख, लिपिंयाधुरा-उठा जागा वीर नेपाली’ सहित कुछ अन्य भारत विरोधी गीत बजने के बाद अक्सर एफएम पर नेपाली गीत सुनने वाले भारतीय लोगों को गहरा धक्का लगा है। इसके बाद भारतीयों ने इस एफएम चैनल को सुनना बंद कर दिया है। नेपाली एफएम चैनल में ऐसे गीत प्रसारित करने से लोगों में काफी नाराजगी है!


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